{"product_id":"guru-govind-singh-ek-yug-vyaktitva","title":"Guru Govind Singh ek yug vyaktitva","description":"\u003cb\u003eगुरु गोविंद सिंह सिख पंथ के दसवें व अंतिम गुरु थे। उनके बाद सिख पंथ में गुरु-परंपरा ही समाप्त हो गई। वह महान् सेनानायक; वीर क्रांतिकारी; स्वतंत्रताप्रिय देशभक्त और समाज-सुधारक थे। उन्होंने देश; धर्म और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सिखों को संगठित करके सैनिक परिवेश में ढाला। उन्होंने सिखों में नेतृत्व करने वाले ‘सरदार’ की शक्ति उत्पन्न की। इतना ही नहीं; उनके नाम के साथ सिंह की शक्ति का सूचक ‘सिंह’ शब्द लगाने का निर्देश भी दिया। इसके साथ-साथ उन्होंने सिखों के लिए पंच ‘ककार’—केश; कंघा; कड़ा; कृपाण और कच्छा—अनिवार्य कर दिया।\u003c\/b\u003e","brand":"Prabhat Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47474971017441,"sku":null,"price":0.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0779\/9033\/0593\/files\/25012573485529.jpg?v=1763463171","url":"https:\/\/perfectbookhouse.com\/products\/guru-govind-singh-ek-yug-vyaktitva","provider":"PERFECT BOOK HOUSE","version":"1.0","type":"link"}