{"product_id":"jo-sahata-hai-wahi-rahata-hai","title":"Jo Sahata Hai Wahi Rahata Hai","description":"आचार्य महाप्रज्ञ ने हर एक विषय पर अपनी लेखनी चलाई, विविध विषयों को प्रवचन का आधार बनाया। दस वर्ष की अवस्था में संसार को त्यागनेवाले एक धर्मगुरु सामाजिक, आर्थिक और व्यक्]तिगत स्तर पर आनेवाली समस्याओं का स्टीक समाधान प्रस्तुत करें तो यह महान् आश्]चर्य है। यह काम आचार्यश्री महाप्रज्ञ ने अपनी प्रज्ञा जागरण से किया। लोगों के मानस में यह विश्]वास जमा हुआ था कि जिस समस्या का समाधान अन्यत्र न मिले, वह समाधान आचार्यश्री महाप्रज्ञ के पास अवश्य मिल जाएगा। बडे़-बडे़ चिंतक, दार्शनिक, धर्मगुरु एवं राजनीतिज्ञ सब इस आशा से उनके पास आते थे कि आचार्यश्री महाप्रज्ञ एक ऐसे शख्स हैं, महापुरुष हैं, जो संपूर्ण विश्]व का मार्गदर्शन कर सकते हैं। आचार्य महाप्रज्ञ की प्रस्तुत पुस्तक 'जो सहता है, वही रहता है' युवा पीढ़ी को नई दिशा देनेवाले सूत्रों को सँजोए हुए है। ये सूत्र युवाओं के जीवन-निर्माण में चामत्कारिक ढंग से कार्य करेंगे, जिससे युवा जोश के साथ होश को कायम रख सकेंगे और अपने सोचने के तरीके को सम्यक् बना सकेंगे।","brand":"Prabhat Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47474994217185,"sku":null,"price":0.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0779\/9033\/0593\/files\/6300983485517.jpg?v=1763463844","url":"https:\/\/perfectbookhouse.com\/products\/jo-sahata-hai-wahi-rahata-hai","provider":"PERFECT BOOK HOUSE","version":"1.0","type":"link"}