{"product_id":"krantikari-kosh-iii-krantikari-kosh-iii-unearthing-the-revolutionary-spirit-of-india","title":"Krantikari Kosh -Iii Krantikari Kosh -III: Unearthing the Revolutionary Spirit of India","description":"\u003cp\u003e इस श्रमसिद्ध व प्रज्ञापुष्‍ट ग्रंथ क्रांतिकारी कोश में भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास को पूरी प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है । सामान्यतया भारतीय स्वातंत्र्य आदोलन का काल 1857 से 1942 ई. तक माना जाता है; किंतु प्रस्तुत ग्रंथ में इसकी काल- सीमा 1757 ई. (प्लासी युद्ध) से लेकर 1961 ई. (गोवा मुक्‍त‌ि) तक निर्धारित की गई है । लगभग दो सौ वर्ष की इस क्रांति- यात्रा में उद‍्भट प्रतिभा, अदम्य साहस और त्याग-तपस्या की हजारों प्रतिमाएँ साकार हुईं । इनके अलावा राष्‍ट्रभक्‍त कवि, लेखक, कलाकार, :व‌िद्वान् और साधक भी इसी के परिणाम-पुष्प हैं । \u003c\/p\u003e\u003cp\u003eपाँच खंडों में विभक्‍त पंद्रह सौ से अधिक पृष्‍ठों का यह ग्रंथ क्रांतिकारियों का प्रामाणिक इतिवृत्त प्रस्तुत करता है । क्रांतिकारियों का परिचय अकारादि क्रम से रखा गया है । लेखक को जिन लगभग साढ़े चार सौ क्रांतिकारियों के फोटो मिल सके, उनके रेखाचित्र दिए गए हैं । किसी भी क्रांतिकारी का परिचय ढूँढने की सुविधा हेतु पाँचवें खंड के अंत में विस्तृत एवं संयुक्‍त सूची (सभी खंडों की) भी दी गई है ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eभविष्य में इस विषय पर कोई भी लेखन इस प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ की सहायता के बिना अधूरा ही रहेगा ।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47474996248801,"sku":null,"price":0.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0779\/9033\/0593\/files\/966023485098.jpg?v=1763463933","url":"https:\/\/perfectbookhouse.com\/products\/krantikari-kosh-iii-krantikari-kosh-iii-unearthing-the-revolutionary-spirit-of-india","provider":"PERFECT BOOK HOUSE","version":"1.0","type":"link"}